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कर्नाटक CM डीके शिवकुमार की IT कंपनियों को चेतावनी, कन्नड़ युवाओं पर क्या बोले?

प्रकाशित: 25 October 2026

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (फ़ाइल फ़ोटो)

बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु की आईटी कंपनियों को कन्नड़ लोगों को नौकरी देने में कथित तौर पर नजरअंदाज किए जाने की शिकायतों पर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय लोगों के अधिकारों, सम्मान और रोजगार के अवसरों की अनदेखी नहीं होने देगी। यदि किसी निजी कंपनी की ओर से जानबूझकर कन्नड़ लोगों के साथ भेदभाव किए जाने की बात सामने आती है, तो सरकार उचित कार्रवाई करेगी।

कन्नड़ लोगों को नौकरी नहीं मिलने की शिकायतों पर जताई चिंता

डीके शिवकुमार ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बेंगलुरु की आईटी कंपनियों में कन्नड़ भाषी लोगों को नौकरी नहीं दिए जाने की शिकायतें सुनना दुखद है। उन्होंने कहा कि सरकार इन शिकायतों को गंभीरता से ले रही है और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक में कन्नड़ लोगों के अधिकारों और अवसरों की अनदेखी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।

‘बेंगलुरु भारत की टेक्नोलॉजी कैपिटल’

डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु की वैश्विक पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया शहर को भारत की टेक्नोलॉजी कैपिटल के रूप में देखती है। उन्होंने कन्नड़ लोगों की प्रतिभा, कौशल और क्षमता पर गर्व जताया।

उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को रोजगार के उचित अवसर मिलना जरूरी है। सरकार चाहती है कि कन्नड़ भाषी युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप अवसर प्राप्त हों।

जानबूझकर अनदेखी हुई तो होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी निजी कंपनी की ओर से जानबूझकर कन्नड़ लोगों की अनदेखी किए जाने की शिकायत सही पाई जाती है, तो सरकार उचित कार्रवाई करेगी।

हालांकि, रोजगार में भेदभाव के आरोपों की जांच और किसी भी कार्रवाई का आधार संबंधित तथ्यों और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।

आईटी सेक्टर में स्थानीय रोजगार पर फिर चर्चा

डीके शिवकुमार के इस बयान के बाद बेंगलुरु के आईटी सेक्टर में स्थानीय लोगों के रोजगार के अवसरों का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। बेंगलुरु देश के प्रमुख आईटी और स्टार्टअप केंद्रों में शामिल है, जहां विभिन्न राज्यों और देशों के पेशेवर काम करते हैं।

ऐसे में सरकार के सामने स्थानीय युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने और कंपनियों में भर्ती की योग्यता-आधारित प्रक्रिया बनाए रखने के बीच संतुलन का सवाल भी महत्वपूर्ण है।

Prime Time Express News: कर्नाटक सरकार के बयान और आईटी कंपनियों से जुड़े रोजगार के मुद्दे पर आगे की अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

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